# श्री देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवधाम जोधपुरिया - संपूर्ण ज्ञानकोष एवं संदर्भ प्रलेख # Official Comprehensive Knowledge Base for Devdham Jodhpuriya (www.devdham.org) ## 1. परिचय एवं भौगोलिक विवरण (Introduction & Geography) - **आधिकारिक नाम**: श्री देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवधाम जोधपुरिया (Shree Devnarayan Mandir Trust Devdham Jodhpuriya) - **आधिकारिक वेबसाइट**: https://www.devdham.org/ - **स्थान**: ग्राम जोधपुरिया, तहसील निवाई, जिला टोंक, राजस्थान, पिनकोड 304021 - **भौगोलिक स्थिति**: अक्षांश 26°21'30" N, देशांतर 75°55'44" E (26.3582, 75.9288) - **नदी व प्राकृतिक स्थल**: माशी नदी (Mashi River) एवं बांडी नदी के पावन संगम तथा माशी बांध के सुरम्य तट पर अवस्थित। - **आस्था एवं महत्व**: भगवान श्री देवनारायण जी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। देवधाम जोधपुरिया गुर्जर समाज सहित सम्पूर्ण हिन्दू समाज का सर्वोच्च पावन तीर्थ स्थल है। ## 2. भगवान श्री देवनारायण जी का पावन इतिहास (History of Bhagwan Devnarayan) - **अवतार**: भगवान विष्णु का पूर्णावतार। - **जन्म काल**: 10वीं शताब्दी (विक्रम संवत 968 के लगभग)। - **माता-पिता**: माता साडू (Saadu Mata Gurjari) एवं पिता सवाई भोज (Sawai Bhoj Bagrawat)। - **जन्म स्थान**: मालासेरी डूंगरी (आसींद, भीलवाड़ा, राजस्थान)। - **घोड़ा (वाहन)**: लीलागर (Leelagar) - पंखों वाला जादुई तेजस्वी अश्व। - **हथियार / प्रतीक**: खांडा (तलवार), कमल का फूल, नीम का पत्ता, गाय। - **कर्म क्षेत्र**: गो-सेवा, आयुर्वेद द्वारा जन-कल्याण, अत्याचार के विरुद्ध धर्म युद्ध, सामाजिक समरसता। - **आयुर्वेदाचार्य रूप**: भगवान देवनारायण ने नीम की पत्तियों, गाय के दूध व मक्खन से असाध्य रोगों का निवारण किया। इसलिए उनके मंदिरों में नीम के पत्तों का प्रसाद व अखंड धूणे की भभूत दी जाती है। ## 3. बगड़ावत महाभारत (The Epic of Bagrawat Mahabharat) बगड़ावत महाभारत राजस्थान का सबसे बड़ा और पूज्य लोक महाकाव्य है: - **24 बगड़ावत वीर भाई**: बागजी के 24 पुत्र थे, जिनमें सवाई भोज सबसे ज्येष्ठ व प्रतापी थे। अन्य प्रमुख भाइयों में तेजाजी, नेवाजी, कान्हा, मेहिंदू, सगत आदि सम्मिलित थे। - **प्रकृति एवं वैभव**: बगड़ावतों को भगवान शिव की कृपा से अपार धन-संपत्ति प्राप्त हुई थी। वे अपनी दानवीरता, आन-बान और मर्यादा के लिए विख्यात थे। - **युद्ध का कारण**: राण के शासक राव दुर्जनसाल ने बगड़ावतों से मित्रता की, किंतु बाद में कपट किया। रानी जैमती (माँ भवानी की अवतारी) के वचन-पालन और धर्म-रक्षा के कारण खारी नदी के तट पर भयंकर धर्मयुद्ध हुआ। - **बलिदान**: 24 बगड़ावत भाइयों ने मातृभूमि, सत्य और क्षात्र-धर्म के लिए लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की। - **देवनारायण जी का अवतरण एवं प्रतिशोध**: सवाई भोज की वीर पत्नी साडू माता ने तपस्या की। भगवान विष्णु कमल के फूल से अवतरित हुए। कालांतर में भगवान देवनारायण ने दुराचारी राव दुर्जनसाल को दंडित कर बगड़ावतों की कीर्ति पुनर्स्थापित की। - **देवनारायण की फड़**: 30 फीट लंबी कपड़े पर चित्रित यह फड़ विश्व प्रसिद्ध है। यूनेस्को एवं भारतीय संस्कृति में इसका अप्रतिम स्थान है। ## 4. देवधाम जोधपुरिया मंदिर की विशेषताएं (Key Features of the Shrine) 1. **अखंड ज्योति (Akhand Jyoti)**: मंदिर परिसर में प्रज्वलित पावन अखंड ज्योति का दर्शन करने दूर-दूर से भक्त आते हैं। मान्यता है कि इस ज्योति के दर्शन से शारीरिक व मानसिक कष्ट दूर होते हैं। 2. **साडू माता व 24 बगड़ावतों की छत्रियां**: मंदिर परिसर में साडू माता की भव्य प्रतिमा एवं वीरों के स्मारक अवस्थित हैं। 3. **माशी बांध एवं सुरम्य वातावरण**: चारों तरफ हरियाली, जलराशि और शांत आध्यात्मिक वातावरण। 4. **वार्षिक लक्खी मेला**: प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल षष्ठी व सप्तमी को आयोजित होने वाले लक्खी मेले में 5 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शनार्थ आते हैं। ## 5. दर्शन, आरती एवं दैनिक पूजा सारणी (Darshan & Aarti Schedule) - प्रातः 04:30 बजे: मंदिर पट उद्‌घाटन - प्रातः 05:00 बजे: दैनिक मंगला आरती - प्रातः 08:00 बजे: श्रृंगार आरती एवं बाल भोग - मध्याह्न 12:30 बजे: राजभोग आरती एवं पट विश्राम - सायं 04:00 बजे: पट पुनः उद्‌घाटन - सायं 07:00 बजे: भव्य संध्या महाआरती (दीप प्रज्वलन व शंखनाद) - रात्रि 09:15 बजे: शयन आरती - रात्रि 09:30 बजे: मंदिर पट मंगल ## 6. 14वां प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 (14th Pratibha Samman Samaroh) श्री देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवधाम जोधपुरिया द्वारा समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों व विभूतियों के प्रोत्साहन हेतु वार्षिक 'प्रतिभा सम्मान समारोह' आयोजित किया जाता है: - **श्रेणियां**: 1. कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 85% या अधिक प्राप्तांक छात्र-छात्राएं 2. कक्षा 12वीं (कला, विज्ञान, वाणिज्य, कृषि) 85% या अधिक प्राप्तांक छात्र-छात्राएं 3. उच्च शिक्षा (UG/PG, MBBS, IIT, NIT, CA, NET/JRF, Ph.D) 4. खेलकूद (राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता) 5. राजकीय सेवाओं में नवचयनित प्रतिभाएं (IAS, IPS, RAS, RPS, शिक्षक, सैनिक, पुलिस आदि) 6. समाज सेवी एवं भामाशाह सम्मान - **आधिकारिक सूचियां**: वेबसाइट के `https://www.devdham.org/?page=pratibha-list` अनुभाग पर सभी संवर्गों की आधिकारिक सूचियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। ## 7. मार्ग व यात्रा दर्शन (How to Reach Devdham Jodhpuriya) - **सड़क मार्ग**: राष्ट्रीय राजमार्ग 52 (Jaipur-Kota NH-52) पर निवाई स्थित है। निवाई से केवल 9 किलोमीटर पश्चिम में जोधपुरिया मंदिर स्थित है। ऑटो, टैक्सी और प्राइवेट बसें निरंतर उपलब्ध हैं। - **रेल मार्ग**: निकटतम स्टेशन वनस्थली निवाई (Banthali Niwai - स्टेशन कोड BNLW) है (दूरी 11 किमी)। सवाई माधोपुर जंक्शन 80 किमी तथा जयपुर जंक्शन 75 किमी दूरी पर है। - **हवाई मार्ग**: जयपुर सांगानेर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (JAI) 70 किमी दूर है। ## 8. संपर्क सूत्र एवं ट्रस्ट पदाधिकारी (Contact & Governance) - **ट्रस्ट का नाम**: श्री देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवधाम जोधपुरिया - **कार्यालय फोन**: +91-9414088014, +91-9214373323, +91-6376713817 - **पता**: श्री देवनारायण मंदिर, देवधाम जोधपुरिया, वाया निवाई, जिला टोंक (राजस्थान) 304021 - **आधिकारिक वेबसाइट**: https://www.devdham.org/ - **आधिकारिक ईमेल**: admin@devdham.org ## 9. धर्मशाला एवं यात्री आवास प्रभाग (Dharamsala & Pilgrim Accommodation) - **यूआरएल**: https://www.devdham.org/?page=dharamsala - **क्षमता**: 200 से अधिक स्वच्छ व सुव्यवस्थित कक्ष एवं बड़े तीर्थयात्री डॉर्मिटरी हॉल। - **श्रेणियां**: 1. वातानुकूलित डीलक्स कक्ष (AC Deluxe Room): स्प्लिट एसी, गीजर, अटैच्ड वेस्टर्न टॉयलेट, डबल बेड, सुरक्षित अलमारी, पावर बैकअप। 2. पारिवारिक कूलर कक्ष (Family Cooler Room): बड़ा हवादार कमरा, डेजर्ट कूलर, पंखे, अटैच्ड बाथरूम (4-6 व्यक्तियों हेतु)। 3. तीर्थयात्री डॉर्मिटरी हॉल: पदयात्री जत्थों, भजन मंडलियों व संघों हेतु स्वच्छ गद्दे, लॉकर व प्रसाधन। 4. ट्रस्ट अतिथि गृह (VIP Suites): विशिष्ट अतिथियों हेतु। - **नि:शुल्क अन्नक्षेत्र (भोजनालय)**: - दोपहर भोजन: 11:00 AM से 02:30 PM (दाल-बाटी-चूरमा / रोटी-सब्जी-दाल-चावल-छाछ) - सांध्य भोजन: 07:00 PM से 09:30 PM - प्रातः चाय-काढ़ा: 06:00 AM से 07:30 AM - **नियम**: आधार कार्ड अनिवार्य, नशा व मांसाहार पूर्णतः वर्जित, 24 घंटे चेक-इन चक्र। बुकिंग हेल्पलाइन: +91-9214373323. ## 10. सवामणी, पूजा एवं दान सेवा प्रभाग (Pooja, Savamani & Seva Offerings) - **यूआरएल**: https://www.devdham.org/?page=pooja-savamani - **सवामणी भोग सेवा**: 1. पारंपरिक बेसन चूरमा सवामणी (50 किलो): शुद्ध देशी घी, उत्तम बेसन, खांड (बूरा), काजू-बादाम युक्त पारंपरिक भोग। 2. दाल-बाटी-चूरमा महाभोग: चूल्हे की बाटी, पंचमेल दाल, देशी घी में तर चूरमा। - **अखंड ज्योति घृत सेवा**: अनवरत प्रज्वलित अखंड ज्योति में गाय के शुद्ध देशी घी व तिल तेल का मासिक/वार्षिक अर्पण। - **नीम पत्ता व पंचामृत भोग**: भगवान देवनारायण को ताजे नीम पत्तों, गाय के कच्चे दूध, दही व शहद से विशेष पंचामृत अभिषेक। - **ध्वजारोहण व छत्र अर्पण**: मंदिर के गगनचुंबी शिखर पर केसरिया ध्वजा व चांदी का छत्र अर्पण। - **गौशाला सेवा**: मंदिर की सुरम्य गौशाला में सैकड़ों देशी गायों हेतु हरा चारा, लापसी व चोकर सेवा। - **पूजा व सवामणी बुकिंग संपर्क**: - सवामणी एवं भोग सेवा की अग्रिम सूचना मंदिर कार्यालय अथवा समन्वयक श्री रतनदीप गुर्जर (+91 9214373323) एवं अध्यक्ष श्री नरेश गुर्जर (+91 6376713817) को देकर रसीद प्राप्त की जा सकती है। ## 11. वार्षिक भाद्रपद लक्खी मेला 2026 (Annual Bhadrapad Mela Festival) - **यूआरएल**: https://www.devdham.org/?page=bhadrapad-mela - **तिथियां**: 13 से 15 सितंबर 2026 (भाद्रपद शुक्ल पंचमी, षष्ठी छठ एवं सप्तमी)। - **श्रद्धालु संख्या**: प्रतिवर्ष 5 से 10 लाख श्रद्धालु राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा व दिल्ली से पधारते हैं। - **3-दिवसीय कार्यक्रम**: - दिवस 1 (13 सितंबर - पंचमी): 1100 मंगल कलश यात्रा, माशी-बांडी संगम पूजन, मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण, 72 घंटे अखंड हरि-कीर्तन शुभारंभ। - दिवस 2 (14 सितंबर - षष्ठी): देवजी की दिव्य पालकी / रथयात्रा, माशी-बांडी नदी घाट पर 5100 दीपकों से महाआरती, रातभर जंतर वाद्य पर बगड़ावत फड़ वाचन। - दिवस 3 (15 सितंबर - सप्तमी): मंगला महाआरती, 14वां राज्य स्तरीय गुर्जर प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 एवं विशाल सवामणी महाप्रसाद वितरण। - **सुविधाएं**: रोडवेज मेला स्पेशल बसें, 5 विशाल वाहन पार्किंग जोन, 24 घंटे नि:शुल्क चिकित्सा शिविर व एम्बुलेंस, खोया-पाया केंद्र व 64 सीसीटीवी निगरानी। ## 12. 14वां राज्य स्तरीय गुर्जर प्रतिभा सम्मान 2026 नियम व दिशानिर्देश (Pratibha Guidelines) - **यूआरएल**: https://www.devdham.org/?page=pratibha-guidelines - **समारोह तिथि**: 15 सितंबर 2026 (मंगलवार) | स्थल: श्री देवनारायण मंदिर प्रांगण, देवधाम जोधपुरिया (निवाई)। - **श्रेणीवार कट-ऑफ व पात्रता**: 1. कक्षा 10वीं बोर्ड (RBSE / CBSE / ICSE): 90.00% या अधिक प्राप्तांक। 2. कक्षा 12वीं बोर्ड (कला, विज्ञान, वाणिज्य तीनों संकाय): 90.00% या अधिक अंक। 3. कॉलेज स्नातक एवं स्नातकोत्तर (UG/PG सामान्य): 70.00% या अधिक अंक (अंतिम वर्ष)। 4. व्यावसायिक एवं तकनीकी डिग्री (MBBS, B.Tech, MBA, B.Ed, LLB, CA): 75.00% या अधिक अंक। 5. खेलकूद व एनसीसी: SGFI / राष्ट्रीय पदक विजेता, खेलो इंडिया, एनसीसी 'C' सर्टिफिकेट, राष्ट्रपति स्काउट अवार्ड। 6. सिविल सेवा व राजकीय चयन: UPSC (IAS/IPS/IRS), RPSC (RAS/RPS), न्यायिक सेवा (RJS) चयनित। - **आवश्यक दस्तावेज**: मूल अंकतालिका की प्रति, जाति प्रमाण पत्र (एमबीसी/ओबीसी), मूल निवास, आधार कार्ड व 2 पासपोर्ट फोटो। - **टोकन व्यवस्था**: समारोह स्थल पर जिलावार टोकन काउंटरों से टोकन नंबर प्राप्त कर मंच सम्मान प्रदान किया जाता है।